Friday, October 5, 2007

बूझो तो जाने !!!!!

किसी शायर ने कहा है
"किसी मासूम बच्चे के तबस्सुम में उतर जाओ .
तो जानो खुदा ऐसा ही होता है ।
मुझे बच्चे बहुत प्यारे लगते है ,शायद बच्चे सभी को अच्छे लगते है लेकिन कुछ लोग ऐसे होते है जो बच्चों को ऐसे घूरते है जैसे पाकिस्तान हिंदुस्तान को .इसपे भी किसी शायर ने कहा है ।
वो क्या किसी के होंठों को बाटेगा कह -कहे ।
जिसने घर में बच्चो को भी हँसने नही दिया ॥
मैं रास्ते में चलते रहते हुये भी किसी बच्चे का साथ पाता हूँ तो उसके साथ खेलने लगता हूँ ,क्यों ना उनकी मम्मी भी साथ हो ,अब आप को क्या बताऊँ हमारे दोस्त ये भी कहने लगते है ,बच्चे का आड़ ले कर मम्मी को पटा रहा है ...खैर ,ऐसे ही एक बाल मन ,जो हमारे लैंड लॉर्ड का प्यारा सा "गोलू " है ६ वर्ष का ,मेरे से एक पहेली पूछा .मैं तो बहुत परेशान हो गया ,सोचा चलो ये पहेली मैं अपने चिटठा जगत के साथियों से ही पूछूँगा ?हमारे चिटठा जगत के महान् बेताज बादशाहों "समीर जी , महावीर जी , अनूप जी , ज्ञान दत्त जी ,संजीव ,पर्मेंदर ,आलोक जी ,और हमारे ढ़ेर सारे ब्लॉगर भाई ही इसका सालुसन बतायेंगे .तो पहेली ये है ॥
अंधे कि बीवी को लंगडा ले कर भाग गया ,और गूंगे ने देख लिया ,तो बताओ ,गूंगे ने अंधे को कैसे बताया कि उसकी बीवी को लंगडा ले कर भाग गया
और हाँ गोलू ने ये भी कहा है कि अंकल अगर आप इसका उत्तर बता दोगे तो आपको एक चोक्लेत मिलेगी .तो ठीक है आप लोग बता दो वो चोक्लेत आपकी होगी , अगर उत्तर बता दिए तो !!!!!!!!!!

21 comments:

अनिल रघुराज said...

लगता है कठिन पहेली है। घर पहुंचकर बच्चों से पूछूंगा, फिर कल आपको इसका समाधान बताता हूं।

बोधिसत्व said...

मैं तो उस गूँगे को पकडूँगा...और उसी से पूछूँगा ....वही बता पाएगा

Ravi yadav said...

अरे भाई तुमने तो हमारे सर मे दर्द पैदा हो गया । उस बच्चे , मेरा मतलब है "गोलू " ने तो चिट्ठा जगत को सोचने के लिए मजबूर कर दिया है । क्या पहेली है ...........अब इसका उत्तर भी उस बच्चे से पूछ के बता दीजिए ।

Gyan Dutt Pandey said...

हम तो यह जानने आये थे कि चॉकलेट किसे मिला! अभी तक तो बंटा नहीं!!!

36solutions said...

भाई, मुह में पानी ले के आपके ब्‍लाग से जा रहे हैं । बिना उत्‍तर बताये चाकलेट मिल पायेगा क्‍या ?

'आरंभ' छत्‍तीसगढ का स्‍पंदन

राज यादव said...

@अनिल जी ,अगर बच्चो से पूछ लिया हो तो बताओ ..आप को इतना अनुभव है फिर भी बच्चो का सहारा ले रहे हो
@ ज्ञान जी आप ने उत्तर बताया ही नही , और चोक्लेत का लालच करने लगे .पहले बताओ ,फिर पाओ ...
@संजीव जी ,बिना उत्तर बताये चोक्लेत बिल्कुल नही मिलेगा ...
@ रवि जी ,आप किस बच्चे से कम हो ...आप ही उत्तर बताओ ॥
तो ठीक है , चिटठा जगत के भाई अगर चोक्लेत खाना है तो उत्तर बताओ .....इंतज़ार है ....

अजित वडनेरकर said...

चोक्लेत तो पसंद नहीं पर जवाब ज़रूर चाहिए. इंतज़ार रहेगा. हमें सूझा तो हम भी ज़रू बताएँगे.

सुनीता शानू said...

लंगड़ा भागेगा कैसे? हा हा हा क्या पहेली है :)
मुझे ही चॉकलेट मिलनी चाहिये...

सुनीता(शानू)

Manish Kumar said...

वाह सुनीता जी चॉकलेट की सही हकदार लगती हैं।
दूसरों के बच्चे किसे प्यारे नहीं लगते :)

रवीन्द्र प्रभात said...

अच्छा लगा. धन्यवाद.

आशीष कुमार 'अंशु' said...

apane Vicharo se to bade vicharwaan jaan padate hai.

Anonymous said...

गूंगा कैसे बतायेगा ?
अरे भाई , उसके पास अभिव्यक्ति की आदिम भाषा तो है !
स्पर्श, स्पर्श से वह अंधे को यहां वहां छू कर बता ही देगा कि क्या घटित हुआ है .
अब यह आपकी समस्या है कि आप यह प्रक्रिया अपने पर दोहरा कर बच्चे को कैसे समझाते हैं .
मैं तो जा रहा हूं अपने चरखे में तेल देने.
चाक्लेत आप ही रख लिज़ीयेगा, जब आपके ब्लाग पर लौट कर आऊंगा तो ले लूंगा. वैसे मेरी
इच्छा है कि यह चाकलेट आप उसी 'मूर्धन्य' बच्चे को दे दें, बड़ा होनहार है. किन्तु मेरी राय माने तो आप यह भी पता कर लें कि यह पहेली कहीं उसकी मम्मी ने तो आपसे नहीं पुछवायी है, आप तो समझदार हैं, इशारा काफ़ी है.
आप हम ब्लागरों को इस रोमांस में क्यों घसीटते हैं ?
शुभकामनायें. ही,ही,ही .... !

Udan Tashtari said...

भाई, बताओ तो कि उत्तर क्या है.

वैसे तो यही लगता है कि लंगडा भागा कैसे??

चाकलेट आप ही खा लेना मगर जबाब दो-पेट दुखने लगा अब तो.

Anonymous said...

वाह रे उड़्न जी,
बहुत मासूम सवाल उठाया है आपने, लंगड़ा भागेगा कैसे ?
आसान सा रास्ता है. किसी मैनेज़मेंट गुरु से मंत्र लिया होगा,अपने साथ भागने के फ़ायदे गिनवाये होंगे और उसी औरतिया के कंधे पर सवार हो कर पतली गली से निकल लिया होगा .
आख़िर ई सब मल्टीनेशनल नुस्खा पेटेंट तो है नहीं, स्थानीय स्तर पर लूले लंगड़े क्यों न आज़मायें . अपनी सरकार के भी तो
घुड़ईया चढ़ कर बहुत जन आ जा रहे हैं .

शब्द और विनती ब्लॉग का चोकीदार said...

टांग खचाई ! वाली पहेली जो की खुद को पहेली कहलाने की अहमियत नहीं रखती !!
बस एक समय बर्बादी के कच्चे चिट्ठे में सिमट कर रह जाती है !
रही चोक्लेत की उसको बेच कर !
गरीबो और बेसहारा , लाचार लोगो
के भले में लगा दो भाई !

Vikrant Rghuvanshi said...

गुंगा कागज़ पे लिख कर किसी और से पढ़वा देगा...।

Vikrant Rghuvanshi said...
This comment has been removed by the author.
Vikrant Rghuvanshi said...

गुंगा कागज़ पे लिख कर किसी और से पढ़वा देगा...।

Unknown said...

गूंगा अपना जवाब एक कागज पर लिख देगा। और किसी बोलने वाले आदमी से अंधे के सामने पढ़वा लेगा। simple

kalu meena said...

Langde ke pass car thi car

kalu meena said...

Hahaha wo nahi batayega kyunki wo uska dost ha dusman thode hi ha