Saturday, November 17, 2007

लालू ,"हरा पेड़ चर्र्र्र्र्र्र्र्र्रा से गिर गया ,ट्रांसलेशन करो ?"

हमारे मित्र अमित ने कल मुझसे कहा कि ,यार राज ये क्या तुम कविता ,शेर ,दर्द भरा नगमा लिखते रहते हो ,कुछ जोक्स टाइप लिखा करो ,सो मैंने भी सोचा कि क्यों न कुछ ऐसा भी लिखा जाये । तो मुझे एक बहुत पुराना जोक्स याद आ गया ।
एक बार राजू ने एक सपना देखा कि , हमारे देश के तीन नेता ,श्री मनमोहन सिंह,अटल जी ,और लालू जी ,तीनो गुजर गए ,और इनकी आत्मा स्वर्ग में गयी ,तो जैसा कहा जाता है कि ,स्वर्ग में जाने के बाद वह पे चित्रगुप्त हामरे सब कामो हिसाब करते है ,फिर उसके बाद सीट अलोट करते है ,कि किसको स्वर्ग में जाना है ,और किसको नरक में .चित्र गुप्त जी ,अपना रजिस्टर खोलते है,सबसे पहले अटल जी का हिसाब किताब देखते है ।
चित्र गुप्त : अटल ,तुमने तो इंडिया को बहुत फील गूड कराया लेकिन सिर्फ अपनी कविताओं में ,कभी विहिप ,और कभी शिवसेना को कराया ,लेकिन भारत उदय नही हुआ ,खैर कोई बात नही ,तुने जो भी किया कुछ ठीक ही किया ,और अभी तक कुवारे हो ,चलो तुम स्वर्ग में जाओ ,वहा पे परिओं से तुमरा कौमार्य खतम हो जाएगा .जी लेना अपनी ज़िंदगी ।
अब बारी मनमोहन कि
चित्र गुप्त : मनमोहन ,तेरा हिसाब किताब तो बहुत गड़बड़ है .तुमने तो कभी कुछ बोला ही नही ,जो कुछ बोला सोनिया ने ही बोला ,उसने जैसा चाहा वैसा तुमसे कराया ,खैर ,तुम भी स्वर्ग में जाओ ,जी लेना अपनी ज़िंदगी ..अपनी तरह से ।
अब बारी लालू जी कि
चित्र गुप्त : लालू जी ,भाई साहब ,आप नरक में जाओ ,आपका हिसाब किताब बहुत गड़बड़ है ,हमारे रजिस्टर में सब बकाया है आपका ,चारा घोटाला ,गुंडा गर्दी , जेल ,पता नही क्या क्या ।
लालू जी बिफर गए ,गुस्से में बोले , ई का है चित्र गुप्त्वा ,साला धरती पे भी हमारा हिसाब किताब खराब था ,यह पे भी सुकून नही है ,हम नही मानेगे ,हमको भी स्वार्ग में भेजो ,लालोऊ अपनी जिद पे अड़ गए ..फिर चित्र गुप्त ने कहा ,ठीक है ,हम आप लोगो से कुछ प्रश्न पूछूंगा ,जो उत्तर दे देगा ,स्वर्ग में जाएगा ,और जो नही दे पायेगा ,नरक में !सब तैयार हो गए ।
चित्र गुप्त अटल से : अटल Boy माने ।
अटल : जी ,लड़का ।
चित्रग्प्त : Spelling ?
अटल : बी...ओ...वाई
चित्र गुप्त : सबाश !! पास हो गए ,स्वर्ग में जाओ ।
चित्र गुप्त मनमोहन सें : मनमोहन ,girl माने ?
मनमोहन : जी , लड़की
चित्रगुप्त : Spelling?
मनमोहन : G...I...R ..L
चित्र ग्पुत : शाबास !! पास हो गए स्वर्ग में जाओ ।
अब बारी लालू कि
चित्र गुप्त लालू से :
लालू ,CHEKOSLOWAAKIYA माने !!
लालू : ई चित्र गुप्त्वा ,उनसे लड़का लड़की ,हमसे चेकोस्लोवाकिया..ई बिल्कुल भी नही चलेगा ,जयादा मूद्वा खराब करेगा तो हम यह रैल्ली निकाल देंगे ...हम ये पच्छ्पात बिल्कुल भी नही मानेगे ..फिर से पूछो ।
चित्रग्पुत : लालू ,तुमरा ये नाटक नही चलेगा ,चलो तुमको एक चांस और देते है ।
चित्र गुप्त अटल से : अटल ,वह एक लड़का है ,ट्रांसलेशन करो !
अटल : HE IS A Boy !
चित्रगुप्त : शाबास !सबाश !! पास हो गए ,स्वर्ग में जाओ
चित्र गुप्त मनमोहन से : मनमोहन ,वह एक लड़की है ,ट्रांसलेशन करो ।
मनमोहन : SHE IS A girl।
चित्रगुप्त : शाबास !सबाश !! पास हो गए ,स्वर्ग में जाओ
चित्र गुप्त लालू से : लालू ,हरा पेड़ चर्र्र्र्र्र्र्र्र्रा से गिर गया ,ट्रांसलेशन करो ।
लालू : हे देखा , उनसे लड़का लड़की ,हमसे चर्र्र्रा ,पर्र्र्र्रा !!!बिल्कुल नही ,हमको तो तुम लोग फसा दिए ,जर्रूर ये बीपच्च्ही कि चाल है ,हम नही मानेगे ,एक मौका और चाहिए ,लेकिन इस बार पच्छापात बिल्कुल भी नही ।
चित्र गुप्त : ठीक लालू जी ,एक बार और चांस मिलेगा ,ये लास्ट चांस है ,
चित्र गुप्त अटल से : अटल ,भारत में आजादी कि जंग कि शुरुवात कब हुयी थी ?
अटल : जी ,१८५७ में!
चित्र गुप्त : शाबास !!!! पास हो गए ,स्वर्ग में जाओ !!!
चित्र गुप्त मनमोहन से : मनमोहन , आजादी कि जंग में लगभग कितने लोग शहीद हुए ?
मनमोहन : वही लगभग ,१९ ,२० हजार ।
चित्रगुप्त : शाबास !!!! बिल्कुल सही , पास हो गए... स्वर्ग में जाओ !!!
चित्र गुप्त लालू से :लालू!! तुम उन १९,२० हजार शहीदों के नाम बताओ ?

6 comments:

विकास कुमार said...

आप बुलायें और हम नहीं आएँ ऐसा कैसे हो सकता है? और फिर आपने इतने अच्छे लेख जो सजा रखे हैं, लगता है बार बार आना होगा. :)

Anonymous said...

hehehheheh =)) hahahhahah =))

Dr Prabhat Tandon said...

यह तो लालू के साथ सरासर नाइन्साफ़ी हुई :)

सचिन लुधियानवी said...

राज यादव जी चुटकुलों को विचार न बताएं. उम्मीद से आया था निराशा हुई. आवाजाही बनी रहेगी आशा करता हूं कुछ मिलेगा.

Mired Mirage said...

यह जोकवा तो बहूत बढिया रहा ! मजा आ गया । :D :D :D :)
घुघूती बासूती

रवीन्द्र प्रभात said...

राजनीतिक धरातल पर आपका यह जोक गुदगुदा दिया अचानक , बधाईयाँ !